देश में पहला: मध्यप्रदेश ने डी-डुप्लीकेट वाहनों की 2.50 लाख एंट्री रद्द की

31A 63

ग्वालियर
 मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य हो गया है, जिसने अपने राज्य से डी-डुप्लीकेशन वाहनों की ढ़ाई लाख एंट्रियों को हटा दिया है। यह आंकड़ा अब शून्य है। ये ऐसे सभी तरह के वाहन थे, जो एक आरटीओ जिले के साथ दूसरे जिले में भी रजिस्टर्ड थे। इन वाहनों के मालिकों को परिवहन विभाग की डिजिटल सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था और शिकायतें भी बढ़ रहीं थीं। इसका कारण पता बदल जाना व वाहन ट्रांसफर के बाद भी एंट्री सिस्टम में अपडेट न होना था। देशभर में ऐसे 35 लाख वाहन हैं। परिवहन विभाग ने मुहिम चलाकर इस काम को किया है।

सभी राज्यों के परिवहन विभाग के द्वारा वाहनों के पंजीयन एवं उनके स्थानांतरण के संबंध में विभिन्न आरटीओ कार्यालयों में समय-समय पर प्रविष्टियां की जाती हैं। पूर्व में कागजों पर संधारित रिकार्ड को डिजिटलाइज करने के दौरान एवं दूसरे आरटीओ के अधिकार क्षेत्र में वाहन के स्थानांतरित होने पर पूर्व के आरटीओ द्वारा एंट्री को डिलीट न किए जाने के कारण देश भर में 35 लाख वाहन ऐसे थे, जिनकी प्रविष्टि एक से अधिक आरटीओ में होने से उन वाहनों के स्वामियों को परिवहन विभाग की सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

परिवहन विभाग द्वारा एक विशेष मुहिम चलायी गयी और इसकी समीक्षा प्रत्येक पखवाड़े में वरिष्ठ स्तर पर किए जाने से मध्य प्रदेश में समस्त डुप्लीकेट एंट्रियों को सही कर दिया गया है। देश भर के समस्त बड़े राज्यों में डी डुप्लीकेशन की लंबित प्रविष्टियों को शून्य करने वाला मध्य प्रदेश देश पहला राज्य बन गया है।
ऐसे समझें : क्यों परेशान थे ढ़ाई लाख वाहन मालिक

सफलता पाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता: श्रद्धा दास

उदाहरण के लिए भोपाल में रहने वाले एक वाहन मालिक का ट्रांसफर उज्जैन जिले में हो गया, वहां अपना पता आदि बदलवा दिया। सभी जगह पता तो बदलवा दिया लेकिन पहले जिस जिले में रहते थे वहां के सिस्टम में एंट्री डिलीट नहीं हुई। इस कारण भोपाल व उज्जैन दोनों जिलों में वाहन मालिक को परिवहन विभाग की सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। इन्हीं एंट्रियों को अब डिलीट कर दिया गया है।
ढाई लाख एंट्रियों को डिलीट किया गया

    परिवहन विभाग ने डी-डुप्लीकेशन की ढ़ाई लाख एंट्रियों को डिलीट किया है। ऐसा करने वाला मप्र देश में पहला राज्य बना है। अब ढ़ाई लाख वाहन स्वामियों को परिवहन विभाग की डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। – किरण कुमार, उपायुक्त, परिवहन विभाग, मप्र।

Related Articles